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361. सन 1669-70 में औरँगजेब ने पूरी तरह मन बना लिया था कि इस्लाम के प्रचार के लिए एक ओर से सिलसिलेवार हाथ डाला जाए। उसने इस उद्देश्य के लिए पहले किस राज्य को चुना ?

  • कश्मीर

362. इस्लाम के प्रचार के लिए औरँगजेब ने सबसे पहले कश्मीर को क्यों चुना ?

  • क्योंकि उन दिनों कश्मीर, हिन्दू सभ्यता सँस्कृति का गढ़ था। वहाँ के पण्डित हिन्दू धर्म के विद्धानों के रूप में विख्यात थे। औरँगजेब ने सोचा कि यदि वे लोग इस्लाम धारण कर लें तो बाकी अनपढ़ व मूढ़ जनता को इस्लाम में लाना सहज हो जायेगा।

363. औरँगजेब ने कश्मीर में किसे भेजा ?

  • इफ़तखार ख़ान

364. इफ़तखार ख़ान ने कश्मीर में क्या अत्याचार किये ?

  • हिन्दुओं को बलपूर्वक मुसलमान बनाया जाने लगा। इनकार करने वाले के लिए मृत्यु-दण्ड दिया जाता।

365. हिन्दुस्तान में कौनसा मुगल शासक था, जिसके बारे में प्रसिद्ध है कि वह हिन्दुओं का रोज सवा मन जनेऊ उतरवाकर, खाना खाता था ?

  • औरँगजेब

366. कश्मीरी पण्डित किस गुरू के पास औरँगजेब द्वारा किये जा रहे अत्याचारों की गुहार लेकर पहुँचे ?

  • श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी के पास

367. कश्मीर के 500 पण्डितों का प्रतिनिधिमण्डल जो तिलक और जनेऊ और हिन्दु धर्म की रक्षा हेतु श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी के दरबार में पहुँचा, उनका प्रतिनिधि या मुखिया कौन था ?

  • पण्डित कृपाराम, जो कि श्री गोबिन्द राय जी (श्री गुरू गोबिन्द सिंघ जी) को सँस्कृत पढ़ाते थे और जो बाद में सिक्ख बनकर चमकौर के युद्ध में शहीद हुये थे।

368. जब पण्डितों की दुखभरी व्यथा श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी के पुत्र श्री गोबिन्द राय जी (श्री गुरू गोबिन्द सिंघ जी) ने सुनी तो उन्होंने अपने पिता श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी से क्या कहा ?

  • पिता जी, तैरना हो तो नदी में तो कूदना ही पड़ता है। उनका कथन था "जो शरण आये तिस कंठ लाये" यही सिक्खी का सिद्धाँत है।

369. कश्मीर के पण्डित जब श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी के दरबार में आये, तब पुत्र श्री गोबिन्द राय जी (श्री गुरू गोबिन्द सिंघ जी) की उम्र क्या थी ?

  • 9 वर्ष

370. औरँगजेब को जब यह समाचार मिला कि कश्मीरी पण्डितों की और से सिक्खों के नौवें श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी उनसे मिलना चाहते है, तो उसने क्या कुटनीति सोची ?

  • उसने सोचा अगर गुरू जी को किसी युक्ति द्वारा इस्लाम स्वीकर करवा लिया जाये, तो फिर हिन्दुस्तान में सभी अपने आप इस्लाम स्वीकार कर लेंगे।

371. किसने यह शब्द औरंगजेब से कहे "मैं मुस्लिमों का विरोधी नहीं हुँ, किन्तु आप उन पर अत्याचार कर रहे हैं, इसलिए मैं उनका पक्ष ले रहा हुँ। अगर वो सत्ता में होते और आप पर अत्याचार कर रहे होते, तो मै आपका पक्ष लेता" ?

  • श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी

372. औरँगजेब ने श्री गुरू तेग बहादर जी से कहा कि वो अत्याचार बँद कर देगा अगर वो उनकी दो शर्तों में से कोई एक शर्त मानने को तैयार हो जायें। वो दो शर्तें कौन सी थीं ?

  • 1. या तो इस्लाम कबूल कर लो

  • 2. या फिर अपना सिर दे दो

373. जब औरँगजेब ने श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी को कहा कि इस्लाम कबूल कर लो तब गुरू जी ने क्या कहा ?

  • गुरू जी जानते थे कि उनके इस्लाम कबूल करने पर पूरे हिन्दुस्तान में सभी इस्लाम को कबूल करने पर मजबूर हो जायेंगे। अतः उन्होंने इसे नहीं माना। और शहीदी के लिए तैयार हो गये।

374. श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी के साथ अन्य तीन लोग कौन थे, जिन्होंने भी शहीदी प्राप्त की ?

  • 1. भाई मती दास जी

  • 2. भाई सती दास जी

  • 3. भाई दयाला जी

375. भाई मती दास जी को किस प्रकार शहीद किया गया ?

  • उनके शरीर को आरे से दो भागों में चीर दिया गया।

376. भाई मती दास जी गुरू घर में किस पद पर कार्यरत थे ?

  • दीवान (कोषाध्यक्ष)

377. भाई मती दास जी के पिता जी का क्या नाम था ?

  • भाई परागा जी

378. भाई सती दास जी को किस प्रकार शहीद किया गया ?

  • रूईं में लपेटकर जलाया गया।

379. भाई सती दास जी गुरू घर में क्या कार्य करते थे ?

  • लेखन कार्य
     

380. भाई दयाला जी को किस प्रकार शहीद किया गया ?

  • गर्म पानी में उबालकर

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 
     
     
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