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461. श्री आनंदपुर साहिब जी की तीसरी लड़ाई सैयद खान जिसका सामना जब श्री गुरू गोबिन्द सिंघ जी से हुआ, तो उसकी क्या प्रतिक्रिया थी ?

  • वह गुरू जी के नूर से इतना प्रभावित हुआ कि अपने शस्त्र उसने गुरू जी के पैरों पर रख दिये। गुरू जी ने उसे गले से लगाया, यह देखकर युद्ध रूक गया और गुरू जी ने उसे युद्ध क्षेत्र में ही शाश्वत ज्ञान दिया और वह अपनी वर्दी उतारकर, दूर कहीं अदृश्य हो गया।

462. श्री आनंदपुर साहिब जी की चौथी लड़ाई में श्री गुरू गोबिन्द सिंघ जी के खिलाफ किसकिस ने हिस्सा लिया था ?

  • 1. सरहँद के वजीर खान

  • 2. लाहौर के जबरदस्त खान

  • 3. पहाड़ी राजाओं की सँयुक्त सेनाओं ने

  • 4. गूजरों और रँघणों का काफिला

  • 5. जेहादियों का जत्था

463. श्री आनंदपुर साहिब जी की चौथी लड़ाई कब हुई थी ?

  • मई 1705 ईस्वी

464. श्री आनंदपुर साहिब जी की चौथी लड़ाई में कब तब घेरा पड़ा रहा था ?

  • 6-7 महीने

465. श्री गुरू गोबिन्द सिंघ जी द्वारा श्री आनन्दपुर साहिब जी का कब त्याग किया गया ?

  • 20 दिसम्बर, सन 1705 ईस्वी

466. श्री आन्नदपुर साहिब जी का त्याग करने के पहले श्री गुरू गोबिन्द सिंघ जी ने किसे गुरूद्वारों की सेवा सम्भाल के लिए स्थाई तौर पर रहने की आज्ञा दी ?

  • उदासी सिक्ख, भाई गुरबक्ख सिंघ जी को

467. चमकौर साहिब का युद्ध कब हुआ ?

  • 22 दिसम्बर, सन 1705

468. गुरू गोबिन्द सिंघ जी के बड़े साहिबजादे अजीत सिंघ और जुझार सिंध जी किस युद्ध में शहीद हुये थे ?

  • चमकौर के युद्ध में

469. बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी का जन्म कब हुआ ?

  • 16 अक्टूबर 1670 ईस्वी

470. बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी का जन्म किस स्थान पर हुआ ?

  • ग्राम रजौरी, जिला पूँछ, जम्मू-कश्मीर

471. बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी के बचपन का नाम क्या था ?

  • लछमन दास

472. बाबा बन्दा सिंह बहादुर जी के पिता जी कौन थे ?

  • रामदेव राजपूत डोगरे, स्थानीय जमींदार

473. कौन सी घटना बाबा बन्दा सिंह जी के जीवन में असाधारण परिवर्तन लेकर आई ?

  • एक बार उन्होंने एक हिरनी का शिकार किया। जिसके पेट में से दो बच्चे निकले और तड़पकर मर गये। इस घटना ने लछमनदास के मन पर गहरा प्रभाव डाला और वह अशाँत से रहने लगे।

474. बाबा बन्दा सिंघ जी सबसे पहले किस साधू की संगत में आये ?

  • जानकी प्रसाद

475. जानकी प्रसाद साधू ने बाबा बन्दा सिंघ (लक्ष्मण दास) को क्या नाम दिया ?

  • माधोदास

476. जानकी प्रसाद साधू की शरण से जाने के बाद बन्दा सिंघ जी ने बाद में किसे अपना गुरू धारण किया ?

  • साधु रामदास को, किन्तु शाश्वत ज्ञान कहीं प्राप्त न हुआ।

477. बाबा बन्दा सिंघ जी की मुलाकात पँचवटी में किस योगी से हुई ?

  • योगी औघड़नाथ

478. योगी औघड़नाथ कौन था ?

  • यह योगी ऋद्धियों-सिद्धियों तथा ताँत्रिक विद्या जानने के कारण बहुत प्रसिद्ध था। तँत्र-मँत्र तथा योग विद्या सीखने की भावना से माधोदास ने इस योगी की खूब सेवा की। जिससे प्रसन्न होकर औघड़नाथ ने योग की गूढ़ साधनाएँ व जादू के भेद उसको सिखा दिये।

479. बाबा बन्दा सिंघ जी ने अपना आश्रम किस स्थान पर बनाया ?

  • गोदावरी नदी के तट पर, नांदेड़ नगर

480. ऋद्धियों-सिद्धियों की शक्तियों के कारण माधोदास (बन्दा सिंघ बहादुर) में क्या परिवर्तन आया ?

  • वह अँहकारी और अभिमानी हो गया था और अपने क्षेत्र में आये किसी भी साधू सन्यासी का अपमान कर देता था।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 
     
     
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