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861. सन् 1857 ईस्वी के गद्दर के पश्चात् राजा सरूप सिंह जींद रियासत ने कड़े परिश्रम के बाद विलायत से स्वीकृति लेकर किस गुरूद्वारा साहिब का आधुनिक ढँग से निर्माण करवाया ?

  • गुरूद्वारा श्री सीसगँज साहिब जी, चाँदनी चौक, दिल्ली

862. शहीद गुरबख्श सिंह निहंग जी का जन्म किस स्थान पर हुआ था ?

  • खेमकरण के निकट ग्राम सील

863. "शहीद गुरबख्श सिंह निहंग" जी की शहीदी का प्रत्यक्षदर्शी "काज़ी नूरदीन" इस काण्ड को अपने शब्दों में किस प्रकार वर्णन करता है ?

  • "जब बादशाह का लश्कर गुरू चक्क बाद श्री अमृतसर साहिब जी में पहुँचा तो सिक्ख, वहाँ दिखाई न पड़े किन्तु थोड़े से आदमी अकाल बुँगे में छिपे हुए थे, हमें देखते ही यकायक बाहर निकल आये। शायद इन्होंने गुरू के नाम पर अपना खून बहाने की शपथ ले रखी थी। वे देखते ही देखते लश्कर पर टूट पड़े। वे अभय थे, उन्हें किसी मौत-वोत का डर था ही नहीं, वे गाजियों के साथ जूझते हुये शहीद गये। उनकी कुल गिनती तीस थी।"

864. श्री गुरू गोबिन्द सिघ जी जोती जोत कब समाये ?

  • 7 अक्टुबर, सन् 1708 ईस्वी

865. श्री हजुर साहिब जी का निमार्ण किसने करवाया ?

  • महराजा रणजीत सिंघ जी

866. श्री हजुर साहिब जी किस नदी के किनारे सुशोभित है ?

  • गोदावरी

867. गुरूओं द्वारा बसाये गये नगर कौन से हैं ?

  1. गुरू नानक देव जी : श्री करतारपुर साहिब जी

  2. गुरू अंगद देव जी : श्री खडुर साहिब जी

  3. गुरू अमरदास जी : श्री गोइँदवाल साहिब जी

  4. गुरू रामदास जी : श्री अमृतसर साहिब जी

  5. गुरू अरजन देव जी : श्री तरनतारन साहिब, श्री करतारपुर साहिब (जालँधर)

  6. गुरू हरगोबिन्द साहिब जी : श्री हरिगोबिन्दपुर साहिब, कीरतपुर, मेहरे

  7. गुरू हरिराये जी : बगत और चीरयाघर, कीरतपुर

  8. गुरू तेग बहादर जी : श्री आनन्दपुर साहिब (चक्क नानकी)

  9. गुरू गोबिन्द सिंघ जी : श्री पाऊँटा साहिब, श्री गुरू का लाहौर साहिब

868. श्री आन्नदपुर साहिब के 6 किले कौनकौन से हैं ?

  1. आनंदगढ़

  2. लोहगढ़

  3. फतेहगढ़

  4. होलगढ़

  5. केशगढ़

  6. निरमोहगढ़

869. शरीर की पाँच बुराईयों कौन सी हैं ?

  1. काम

  2. क्रोध

  3. लोभ

  4. मोह

  5. अहँकार

870. श्री अमृतसर साहिब जी के पाँच सरोवर कौन से हैं ?

  • अमृतसर

  • कोलसर

  • सँतोखसर

  • बिबेकसर

  • रामसर

871. अरदास के शुरूआत में "श्री भगौती जी सहाय से ........सब थाई होय सहाय" कहाँ से लिया गया है ?

  • भगौती की वार की पहली पउड़ी (चण्डी की वार), जो दसम ग्रन्थ में है।

872. अरदास में जिन शहीदों का जिक्र होता है, उनके नाम क्या है ?

  • भाई मती दास जी : आरेयां नाल चिराये गये

  • भाई मनी सिंघ जी : बान्द बान्द कटाये

  • भाई तारू सिंघ जी : खोपड़ियां लवाईयां

  • भाई सुबेग सिंघ जी और उनके पुत्र भाई शहबाज सिंघ जी : चरखड़ियां ते चड़े

  • भाई दयाला जी : उबलदियां देगां विच पाके उबाले गये

873. श्री गुरू अमरदास से लेकर अगले गुरूओं का परिवारिक संबंध क्या है ?

  1. श्री गुरू रामदास साहिब जी श्री गुरू अमरदास साहिब जी के जमाई थे।

  2. श्री गुरू अरजन देव साहिब जी श्री गुरू रामदास साहिब जी के पुत्र थे।

  3. श्री गुरू हरगोबिन्द साहिब जी श्री गुरू अरजन देव साहिब जी के पुत्र थे।

  4. श्री गुरू हरिराये साहिब जी गुरू श्री हरगोबिन्द साहिब जी के पौत्र थे।

  5. श्री गुरू हरिकिशन साहिब जी श्री गुरू हरिराये साहिब जी के पुत्र थे।

  6. श्री गुरू तेग बहादर साहिब श्री गुरू हरगोबिन्द साहिब जी के पुत्र थे।

  7. श्री गुरू गोबिन्द सिंघ साहिब जी श्री गुरू तेग बहादर साहिब जी के पुत्र थे।

874. चड़दी कला क्या है ?

  • हमेशा आध्यात्मिक और साँसारिक तौर पर आसमान की बुलँदियों और ऊचाँईयों पर रहना ही चड़दी कला है।

875. महाराजा रणजीत सिंघ जी का जन्म कब और कहाँ हुआ था ?

  • 13 नवम्बर, 1780, गुजराँवाला

876. महाराजा रणजीत सिंघ जी के पिता जी का क्या नाम था ?

  • महा सिंघ जो कि सरदार चड़त सिंघ जी के पुत्र थे।

877. महाराजा रणजीत सिंघ जी की माता जी का क्या नाम था ?

  • राज कौर जींद

878. महाराजा रणजीत सिंघ का पहले क्या नाम रखा गया था ?

  • बुद्ध सिंघ

879. महाराजा रणजीत सिंघ जी का नाम रणजीत सिंघ कैसे पड़ा ?

  • इनके पिता महा सिंघ जी को जब इनके जन्म की सूचना मिली तो वो रण से विजयी होकर लौट रहे थे, इसलिए इनका नाम रणजीत सिंघ रखा गया।

880. किसने केवल 10 वर्ष की आयु में ही युद्ध भूमि में एक पठान की गर्दन, तलवार के एक ही वार से कलम कर दी थी ?

  • महाराजा रणजीत सिंघ जी

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 
     
     
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