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601. बाबा बन्दा सिंघ बहादुर साहिब जी की शहीदी किस प्रकार हुई ?

  • इस्लाम न कबूल करने पर जल्लाद ने पहले कटार से बंदा सिंह की दाई आँख निकाल दी और फिर बाईं आँख। इसके पश्चात् गर्म लाल लोहे की सँडासी से उनके शरीर के माँस की बोटियाँ खींच-खींचकर नोचता रहा। जब तक उनकी मृत्यु नहीं हो गई।

602. तत्कालीन इतिहासकारों के एक लिखित प्रसँग के अनुसार किसने बंदा सिंह व उसके साथियों से पूछताछ के मध्य कहा कि तुम लोगों में बाज सिंघ कौन व्यक्ति है जिसकी वीरता के बहुत किस्से सुनने को मिलते हैं ?

  • बादशाह फर्रूखसियर

603. बाज सिंघ जी की जब बेड़ियाँ खोली गईं, तब बाज सिंघ ने पलक झपकते ही कितने सैनिको को चित कर दिया ?

  • 2 सेनिकों को

604. बंदा सिंह बहादुर की शहीदी के उपरान्त सिक्खों का अन्धकारमय युग क्यों शुरू हुआ ?

  • इस समय खालसा किसी योग्य पुरूष के नेतृत्त्व से वँचित हो गया था। अतः सशक्त सिख योद्धा दिशा विहीन होकर भटकने लगे। विशेषकर जत्थेदार विनोद सिंह के साथ गुरदास नँगल की गढ़ी का त्याग करने वाले सिपाहियों के समक्ष कोई उद्देश्य न था। वे सभी सिक्खों में हुए विघटन पर बहुत चिन्तित थे।

605. बंदा सिंह बहादुर जी की शहीदी के उपरान्त मुगल सम्राट फर्रूखसियर ने क्या घोषणा करवाई थी ?

  • कोई भी सिक्ख मुगल अधिकारियों अथवा सेना के हाथ लगे, तो उसे इस्लाम स्वीकार करने पर विवश किया जाये अन्यथा अस्वीकार करने पर उसे मृत्युदण्ड दिया जाये।

606. बादशाह ने शहीद सिक्खों के कटे हुए सिरों का मूल्य भी नियत कर दिया। "इतिहासकार फार्सटर" का इस संबंध में क्या कथन है ?

  • सिक्खों का कत्लेआम इस प्रकार बढ़ गया कि मुगल राज्य में सिक्ख का नाम बड़ी कठिनाई से सुनाई दिया जाने लगा।

607. इस विपत्तिकाल में सिक्ख पँथ को एक लाभ हुआ। वह क्या था ?

  • श्री गुरू गोबिन्द सिंह जी के ज्योति विलीन होने के पश्चात् उनके द्वारा चलाई गई "शब्द गुरू" पद्धति को जो लोग चुनौती देते थे और स्वयँ गुरू दम्भ का ढोंग रचते थे, वे प्रशासन की सिक्ख विरोधी नीति के कारण छिपने लगे।

608. बादशाह फर्रूखसियर के सँकेत पर पँजाब के राज्यपाल ने सिक्खों के विरूद्ध पूरे जोर शोर से दमनचक्र चलाया। पँजाब का राज्यपाल कौन था ?

  • अब्दुलसमद खान

609. अब्दुलसमद खान ने अपनी सैनिक टुकड़ियों को आदेश दिया कि जहाँ कहीं भी कोई सिक्ख मिले, उसे मौत के घाट उतार दो। ऐसी कठिन स्थिति में सिक्खों ने क्या उपाय निकाला ?

  • सिक्खों के लिए अपनी सुरक्षा का एक ही साधन था कि वे मुगलों के चुँगल में न फँसे। परिणामस्वरूप उनको गुप्त जीवन धारण करना पड़ा और वह घर-बाहर त्यागकर जँगलों व पहाड़ों में छोटे छोटे काफिले बनाकर रहने लगे। इस तरह बेघर जीवन व्यतीत करते हुए सिक्खों का मुगलों के विरूद्ध सँघर्ष लूटमार में बदल गया था।

610. सिक्खों द्वारा लूटमार से (केवल अत्याचारियों को ही लुटते थे) चारों ओर अराजकता फैल गई। इन परिस्थितियों का लाभ उठाते हुए कई चोर-उच्चके भी लूटमार के लिए सिक्खों जैसा वेश बनाकर समय-कुसमय अमीर परिवारों को लूटने में लग गए। इन सबका पँजाब प्रशासन पर क्या असर हुआ ?

  • पँजाब प्रशासन लगभग असफल हो गया। उसकी आय के साधन धीरेधीरे कम होते गये और दमनचक्र चलाने के कारण व्यय दुगुना होता गया। इस बीच लोगों का प्रशासन से विश्वास भी उठ गया। तब अब्दुलसमद खान को अपनी भूल का अहसास हुआ।

611. अब्दुल समद खान ने सिक्खों के प्रति किस कूटनीति से काम लिया ?

  • उसने सिक्खों को सँदेश भेजा कि हम केन्द्र के आदेश से केवल बंदा सिंह के साथियों को ही बागी घोषित करते हैं, अन्य को नहीं। यदि तुम चाहो तो हमारी सेना में जीविका हेतु भरती हो सकते हो और जो खेती करना चाहे, उसे लगान माफ कर दिया जायेगा। यह बाँटों और शासन करो कि नीति बहुत काम आई।

612. बँदेई खालसा और तत खासला के बीच के मतभेद की सूचना किसे दी गई ?

  • माता सुन्दर कौर जी को

613. माता सुन्दर कौर ने बँदेई खालसा और तत खासला के बीच के मतभेद समाप्त करने के लिए किसे श्री अमृतसर साहिब जी भेजा ?

  • भाई मनी सिंघ जी

614. तत खासला का प्रतिनिधि कौन था ?

  • जत्थेदार विनोद सिंह

615. बँदेई खालसा का प्रतिनिधि कौन था ?

  • अमर सिंघ (महन्ता सिंघ)

616. माता सुन्दर कौर जी ने भाई मनी सिंघ जी को किस पद पर, श्री अमृतसर साहिब जी भेजा ?

  • मुख्य ग्रन्थी

617. भाई मनी सिंघ जी ने तत खालसा और बँदेई खालसा के बीच मतभेद को दूर करने के लिए क्या उपाय निकाला ?

  • उन्होंने कागज की दो पर्चियाँ बनाई। एक पर तत्व खालसा का नारा "वाहिगुरू जी का खालसा, वाहिगुरू जी की फतेह" और दूसरी पर तथाकथित बन्दई खालसा की ओर से उनकी निशानी के रूप में नारा लिया "फतेह दर्शन"। शर्त यह ठहराई गई कि दोनों पर्चियों को एक ही समय श्री दरबार साहब के सरोवर में डुबो दिया जाये। जो रर्ची पानी में डूबी रह जाये, वह अपने आप को समाप्त करके दूसरी पार्टी में मिल जाये।

618. किसकी पर्ची पानी की सतह पर आई ?

  • तत खालसा की, "वाहिगुरू जी का खालसा, वाहिगुरू जी की फतेह" वाली पर्ची।

619. पँजाब का राज्यपाल अब्दुलसमद खान किसके भड़काने पर श्री अमृतसर साहिब जी पर हमला करने के लिए तैयार हो गया ?

  • रामजी मल

620. श्री अमृतसर साहिब जी वाले युद्ध में भारी हार होने पर अब्दुलसमद खान ने अपमान के कारण, अपनी पहले वाली सिक्खों के प्रति जो उदारवादी नीतियों बनाईं थी, उनके स्थान पर क्या नई नीतियाँ बनाई अथवा किस प्रकार थूककर चाटा ?

  • 1. जिन लोगों को बन्दा सिंह के समय उसके सैनिकों द्वारा किसी भी प्रकार की क्षति उठानी पड़ी है, वे अपने दावे स्थानीय फौजदारों के समक्ष प्रस्तुत करें। प्रशासन उनके दावों के बदले में सिक्खों की सम्पत्ति कुर्क करके अथवा नीलाम करके सभी मुआवजे पूरे करेगा।

  • 2. जो लोग उस समय नागरिकों की हत्या के दोषी पाये जाएँ तो उन पर मुकद्दमा चलाया जायेगा।

  • 3. जिस हिन्दू परिवार का कोई सदस्य सिक्ख बनता है तो उसके माँ बाप को दण्डित किया जायेगा।

  • 4. उपरोक्त अध्यादेशों का ढिँढोरा गाँव गाँव में करा दिया गया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 
     
     
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